।। दबंगों ने जेसीबी लगाकर खोद दिया नींव, बेटियों को मारा पीटाः पिता ने एसपी से लगाया न्याय की गुहार ।।
।। सिपाही लवकुश चौधरी के कारण मुण्डेरवा पुलिस मामले में कोई कार्रवाई नहीं कर रही ।।
अजीत मिश्रा (खोजी)
।। दबंगों ने जेसीबी लगाकर खोद दिया नींव, बेटियों को मारा पीटाः पिता ने एसपी से लगाया न्याय की गुहार ।।
13 दिसंबर 25, उत्तर प्रदेश।
बस्ती।। मुण्डेरवा थाना क्षेत्र के मूडाडीहा निवासी सियाराम पुत्र रामसजीवन ने पुलिस अधीक्षक को पत्र देकर कहा है कि दबंगों ने उनके जमीन पर बनी नींव को जेसीबी लगाकर उजाड़ दिया और निर्माण करा रहे हैं, विरोध करने पर उन्हें और दो बेटियों को मारा पीटा। सिपाही लवकुश चौधरी के कारण मुण्डेरवा पुलिस मामले में कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। उन्होने एसपी से मांग किया है कि दोषियों के विरूद्ध मुकदमा दर्ज कराकर जमीन और परिवार के जान माल की रक्षा कराया जाय।
एसपी को दिये पत्र में सियाराम ने कहा है कि उनका गाटा संख्या-86 रकबा 0.3110 हे० संक्रमणीय भूमिधर बकब्जा है, और अपने पूर्वजों के जमाने से ही काबिज दाखिल हैं। जमीन बस्ती-गोरखपुर कांटे मार्ग पर स्थित है, जिससे उसका व्यावसायिक महत्व काफी ज्यादा है और काफी कीमती है। उसने अपने जमीन में पश्चिम तरफ एक कमरा पक्का मकान व पूरब तरफ नीव भरवाया था, गांव की शीला पत्नी रामलक्ष्मण और उनका परिवार काफी मनबढ़ व सीनाजोर दबंग किरम के व्यक्ति है। दूसरों की जमीन जायदाद को कब्जा करने के अभ्यस्त है। इनका लड़का लवकुश चौधरी सिपाही है। 11 दिसम्बर की रात में शीला उनके पति रामलक्ष्मण लड़का लवकुश व आदित्य पुत्रगण रामलक्ष्मण व मनोज कुमार पुत्र रामजियावन तथा मनोज का भांजा निखिलेश ने जेसीबी लेकर नीव को उजाड़ दिया। दूसरे दिन जब पता चला तो वह अपने जमीन पर गया तो उपरोक्त सभी लोग अपने साथ अन्य 10-15 व्यक्तियों को लेकर जमीन में जबरदस्ती नीव खोदकर निर्माण कर रहे थे। मना करने पर भद्दी-भद्दी गालियाँ देकर मारने-पीटने लगे। उसकी लड़कियाँ निशा चौधरी व उषा चौधरी जब अपने पिता को बचाने के लिये आयी तो उन्हें भी मारा पीटा। घटना के सम्बन्ध में थानाध्यक्ष मुण्डेरवा को प्रार्थना पत्र दिया गया लेकिन लवकुश के सिपाही होने के कारण पुलिस द्वारा कोई कार्यवाही नहीं किया गया न ही पुलिस द्वारा कोई डाक्टरी मुआयना कराया गया और न ही मुकदमा दर्ज किया गया। उक्त लोग जानमाल की धमकी दे रहे है। उसने दोषियों के विरूद्ध मुकदमा दर्ज कराकर जमीन और परिवार के जान माल की रक्षा कराया जाय।














